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वक्फ रह गया अब 'वक़्त' की बात, देर रात लोकसभा में पास हुआ बिल

11:30 AM Apr 03, 2025 IST | Ashish bhardwaj

देर रात वक्फ संशोधन बिल लोकसभा से पास हो गया। इसी के साथ वक्फ अब सिर्फ 'वक्त' की बात रह गया है। ऐसा भी इसलिए क्योंकि सरकार जो बड़े बदलाव वक्फ में करने जा रही है, उससे काफी कुछ बदल जाएगा, कई चीजों की परिभाषा बदल जाएगी। इस बिल का विरोध हुआ, कहीं समर्थन हुआ, लेकिन लम्बे समय बाद एक बात जो दिखी वो थी किसी बिल पर जोरदार मंथन। देश ने अगर सरकार की बात सुनी तो काफी समय बाद संसद में विपक्ष की आवाज भी गूंजी।

12 घंटे से ज्यादा समय तक चली मैराथन चर्चा के बाद लोकसभा ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पारित कर दिया। इस विधेयक के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े। स्पीकर ओम बिरला ने चर्चा पूरी होने के बाद वोटिंग करवाई। इस दौरान बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े, वहीं विरोध में 232 वोट पड़े और इस तरह रात 2 बजे वक्फ संशोधन बिल लोकसभा से पास हो गया। इससे पहले सदन में गौरव गोगोई, औवैसी समेत कई सदस्यों की ओर से लाए गए संशोधन खारिज हो गए।

वहीं बिल पर चर्चा के दौरान जहां सत्ता पक्ष के सांसदों ने बिल का समर्थन किया तो विपक्षी सांसदों ने इस पर कड़ा विरोध जताया। इस दौरान कई मौकों पर हंगामा भी देखने को मिला। AIMIM सांसद ओवैसी ने अपनी बात रखने के बाद वक्फ बिल को फाड़ दिया, जिस पर सत्तापक्ष की ओर से सवाल उठाए गए। बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने इसे असंवैधानिक करार दिया।

कानून मंत्री किरेन रिजीजू ने क्या बोला?
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को चर्चा और पारित कराने के लिए पेश करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने वक्फ कानून में बदलावों के जरिये इसे अन्य कानूनों से ऊपर कर दिया था, इसलिए इसमें नये संशोधनों की जरूरत पड़ी। रिजिजू ने सदन में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने उन मुद्दों पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की, जो वक्फ विधेयक क हिस्सा नहीं हैं। रिजिजू ने विधेयक को लेकर विपक्षी दलों द्वारा जताई जा रही चिंताओं को दूर करने की कोशिश करते हुए कहा कि सरकार किसी भी धार्मिक संस्था में हस्तक्षेप नहीं करने जा रही। उन्होंने कहा, "यूपीए सरकार ने वक्फ कानून में बदलावों के जरिये इसे अन्य कानूनों से ऊपर कर दिया था इसलिए इसमें नये संशोधनों की आवश्यकता पड़ी।

अमित शाह ने क्या बोला?
गृह मंत्री अमित शाह ने इस बिल का समर्थन करते हुए कई बिंदुओं पर रोशनी डाली। उनकी तरफ से विपक्ष पर मुस्लिमों को गुमराह करने का आरोप भी लगा दिया गया। उनके मुताि विपक्ष के कुछ साथी अल्पसंख्यकों को डराने का काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी मुस्लिम का कोई अधिकार नहीं छिनने वाला है। गृह मंत्री ने कहा कि वक्फ का कानून दान के लिए किसी द्वारा दी हुई संपत्ति, उसका एडमिनिस्ट्रेशन अच्छे से चल रहा है या नहीं, कानून हिसाब से चल रहा है या नहीं….या तो दान जिस चीज के लिए दिया जा रहा है, इस्लाम धर्म के लिए दिया है, गरीबों के उद्धार के लिए दिया गया है… उसके उद्देश्य के लिए उपयोग हो रहा है या नहीं हो रहा है… इसका नियमन करने का काम है।

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