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उदयपुरवाटी में मुकाबला राजेंद्र सिंह गुढ़ा Vs राजेंद्र सिंह गुढ़ा, देर रात तक विवाद, जाने क्या है पूरा मामला

उदयपुरवाटी से शिव सेना पार्टी से चुनाव लड़ रहे वर्तमान विधायक राजेंद्र गुढ़ा के लिए एक नई परेशानी कड़ी हो गई है। दरअसल, इसी नाम का एक और उम्मीदवार मैदान में है। खास बात यह है कि इसके नाम के पीछे भी गुढ़ा है।
01:42 PM Nov 10, 2023 IST | Kunal Bhatnagar
उदयपुरवाटी में मुकाबला राजेंद्र सिंह गुढ़ा vs राजेंद्र सिंह गुढ़ा  देर रात तक विवाद  जाने क्या है पूरा मामला

Rajasthan Election 2023: उदयपुरवाटी से शिव सेना पार्टी से चुनाव लड़ रहे वर्तमान विधायक राजेंद्र गुढ़ा के लिए एक नई परेशानी कड़ी हो गई है। दरअसल, इसी नाम का एक और उम्मीदवार मैदान में है। खास बात यह है कि इसके नाम के पीछे भी गुढ़ा है। यानी अब उदयपुरवाटी में राजेंद्र सिंह गुढ़ा नाम के दो उम्मीदवार है। यह विवाद तब सामने आया जब गुरुवार को नामांकन वापसी के बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होने लगी।

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देर रात तक विवाद

समान नाम को लेकर देर रात तक विवाद चलता रहा। रात आठ बजे तक मतपत्र सूची का प्रकाशन रुका रहा। इस पूरे मामले में विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने रिटर्निंग ऑफिसर के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत भी की है। जिसमें लिखा है कि इससे उन्हें नुकसान होगा।

क्या है पूरा मामला

उदयपुरवाटी से शिव सेना के राजेंद्र सिंह गुढ़ा और टोडी के निर्दलीय राजेंद्र सिंह ने नामांकन दाखिल किया। दोनों का नामांकन स्वीकार भी कर लिया गया. ये दोनों अंतिम प्रकाशित होने वाली प्रत्याशियों की सूची में अपने नाम के पीछे गुढ़ा लिखवाना चाहते थे। इस पर विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने आपत्ति जताई और कहा कि इससे उन्हें नुकसान होगा। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी ने सहायक रिटर्निंग अधिकारी से जांच कराई तो सहायक रिटर्निंग अधिकारी ने रिपोर्ट दी कि टोडी निवासी गुढ़ा नाम के व्यक्ति राजेंद्र सिंह को नहीं जानने की रिपोर्ट दी।

दोनों के नाम के आगे गुढ़ा लिखने पर बनी सहमती

इसके बाद जब शिवसेना प्रत्याशी राजेंद्र सिंह से उनके गुढ़ा होने के दस्तावेज मांगे गए तो उन्होंने अपना पंद्रहवीं विधानसभा का कार्ड पेश किया, जिसमें उनके नाम के आगे गुढ़ा लिखा हुआ था। इसके बावजूद टोडी निवासी राजेंद्र सिंह ने अपने नाम के पीछे गुढ़ा लगाने की मांग की। यह विवाद देर रात तक चलता रहा। आखिरकार देर रात चुनाव अधिकारी कल्पित शिवराण ने फैसला सुनाया कि मतपत्र में दोनों के नाम के आगे गुढ़ा लगाया जाएगा और अलग-अलग पहचान के लिए उनके पिता के नाम एक साथ लिखे जाएंगे।

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