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राजस्थान में आज से फिर आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, मौसम विभाग ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी

राजस्थान में आज से एक्टिव हो रहे छठे नए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से अगले तीन दिन कई जगह आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है।
10:41 AM Mar 29, 2023 IST | Anil Prajapat
राजस्थान में आज से फिर आंधी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट  मौसम विभाग ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी

जयपुर। राजस्थान में आज से एक्टिव हो रहे छठे नए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से अगले तीन दिन कई जगह आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है। पिछले दिनों राज्य में हुए फसल खराबे को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिसके अनुसार कृषि मंडियों में खुले में रखे हुए अनाज को सुरक्षित जगह पहुंचाने, पककर तैयार फसल को ढंकने व उसे सुरक्षित जगह रखने के लिए कहा है। जिससे फसल को भीगने से बचाया जा सके। इसके अलावा किसानों को रबी की फसलों में रासायनिक पदार्थों के छिड़काव और सिंचाई को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। दूसरी तरफ, प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान कोटा में 36.4 और न्यूनतम चित्तौड़गढ़ में 12.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इधर, राजधानी में न्यूनतम तापमान 17.6 एवं अधिकतम 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

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तीन दिन बारिश की संभावना

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार आज से एक्टिव हो रहे पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश की कई जगहों पर 31 मार्च तक रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के चलते आज जोधपुर, बीकानेर संभाग के पश्चिमी क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं 30 मार्च को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, कोटा तथा भरतपुर संभागों में मध्यम से तेज आंधी-बारिश, 30-40 किमी की गति से तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना है।

इसी प्रकार 31 मार्च को बीकानेर, जयपुर, कोटा तथा भरतपुर संभाग के जिलों में मेघगर्जन, बारिश, 30-40 किमी की गति से तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक 1 अप्रैल को आंधी बारिश की गतिविधियों में कमी होने तथा केवल उत्तरी व पूर्वी भागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश तथा शेष भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।

किसानों के लिए एडवाइजरी जारी

कृषि मंडियों व धान मंडियों में खुले में रखे हुए अनाज व जिंसो को सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें ताकि उन्हें भीगने से बचाया जा सके। खुले आसमान में पक कर तैयार फसलों को भी ढककर अथवा सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें। (iii) रबि की फसलों में सिंचाई तथा किसी भी प्रकार का रासायनिक छिड़काव बारिश की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए ही करें। मेघगर्जन व आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़, खंभों व पानी के स्रोतों से दूर रहें व यथासंभव सुरक्षित जगह पर शरण लेवें।

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