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Atiq Ahmed Murder : मीडिया के सामने अशरफ ने आखिरी बार क्यों लिया गुड्डू मुस्लिम का नाम…क्या हत्या की साजिश भांप चुके थे अहमद ब्रदर्स ? 

11:35 AM Apr 17, 2023 IST | Jyoti sharma

प्रयागराज। अतीक अहमद (Atiq Ahmed) और अशरफ अहमद जब आखिरी बार मेडिकल के लिए ले जाए जा रहे थे, तब वे मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस बातचीत में अशरफ अहमद ने गुड्डू मुस्लिम का नाम लेते हुए कुछ कहना शुरू किया था लेकिन तब तक उन पर गोली चल गई और मौके पर उनकी मौत हो गई। 

इस पूरी वारदात के दो सबसे अहम पहलुओं पर पुलिस और जांच एजेंसी इन्वेस्टिगेशन कर रही है कि आखिर पुलिस की जीप से उतरते समय अतीक ने इशारा किसकी तरफ किया था और अशरफ गुड्डू मुस्लिम का नाम लेकर आखिर मीडिया से क्या कहना चाह रहा था?

अतीक ने गुड्डू मुस्लिम से खुद की हत्या करने को कहा?

जांच एजेंसी इस बात पर भी गौर कर रही है कि अतीक (Atiq Ahmed) ने जीप से उतरते वक्त जिसे देखा और उसे इशारा किया, क्या वह उन्हें पहले से जानता था ? क्या उसने जिसे इशारा किया असल में हमलावर वही थे ? अगर ऐसा होता है तो इस बात पर भी गौर करना चाहिए कि अतीक को उन्हीं लोगों ने मारा जिन्हें वह पहले से काफी अच्छी तरह जानता था। जब मीडिया ने अतीक अहमद से असद के जनाजे को लेकर सवाल पूछा कि वे वहां पर क्यों नहीं गए तो अतीक यह जवाब दे रहा था कि ये लोग नहीं ले गए तो नहीं ले गए… इस पर इसी बीच में अशरफ गुड्डू मुस्लिम का नाम लेते हुए जैसे ही कुछ कहना चाहता है वैसे ही उन्हें गोली मार दी जाती है।

क्या गुड्डू मुस्लिम ने दी हत्या की सुपारी ?

गुड्डू मुस्लिम का नाम बीच में आने से यह भी चर्चा का विषय बन गया है कि क्या गुड्डू मुस्लिम इस हत्या के पीछे है? क्या उसने ही अशरफ और अतीक की हत्या की सुपारी दी या फिर अतीक अशरफ और गुड्डू मुस्लिम की मिलीभगत से ही यह कांड हुआ है? क्योंकि अतीक नहीं चाहता था कि पुलिस उसके मुंह से कुछ उगलवा सके, इसलिए उसने गुड्डू मुस्लिम से ही खुद की हत्या करवाने को कहा। इस हत्या के बाद इस तरह के सवाल तो कई उठ रहे हैं लेकिन जवबा तलाशना पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए काफी पेचीदा होता जा रहा है। जिस तरह से यह पूरा घटनाक्रम बना है और जो तथ्य  निकल कर सामने आ रहे हैं। उनसे यह मामला दिन ब दिन नए-नए मोड़ लेता जा रहा है।

आखिरी बार अजमेर में मिली थी गुड्डू मुस्लिम की लोकेशन

गुड्डू मुस्लिम उमेश पाल हत्याकांड की प्रमुख शूटर्स है। बीते दिनों यूपी एसटीएफ के गु्ड्डू मुस्लिम को अजमेर में गिरफ्तार करने की भी खबर चर्चा में आई थी, लेकिन यूपी STF के इस बात की पुष्टि ने नहीं की, इसका मतलब अभी तक गड्डू मुस्लिम को पकड़ा नहीं किया गया। गुड्डू मुस्लिम की आखिरी लोकेशन अजमेर में ही ट्रेस की गई थी। 

असद और गुलाम भी गुड्डू के साथ अजमेर में थे 

यह बताया जा रहा है कि अतीक का बेटा असद और गुलाम भी गुड्डू मुस्लिम के साथ ही राजस्थान के अजमेर में थे। वहां यह कुछ दिनों तक रुके भी। उसके बाद असद और गुलाम दोनों झांसी आ गए लेकिन यहां पर उनका एनकाउंटर हो गया।

प्रयागराज में संपत्ति पर चलाया जा चुका है बुलडोजर 

बता दें कि यूपी का प्रशासन प्रयागराज में गुड्डू मुस्लिम के आवास और उसके प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चला चुका है। उमेश पाल की हत्या में शामिल और कल एनकाउंटर में मारे गए गुलाम की संपत्तियों पर भी बुलडोजर चलाया जा चुका है। यही नहीं उसके भी करीबियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाकर उसे मिट्टी में मिला दिया गया है।

प्रदेश में जंगलराज का बोलबाला- सपा 

इधर इस मुद्दे पर राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। यूपी के मुख्य विपक्षी पार्टी सपा ने तो यूपी में जंगलराज का का आरोप लगा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपराध नियंत्रण में नाकाम जैसे ट्वीट कर वे यूपी में अपराधों के सिलसिलेवार खबरें निकाल रहे हैं। जिसमें उन्होंने आजमगढ़, खुर्जा जैसे कई जिलों में हुई आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया है।

यूपी में कानून की कोई जगह नहीं 

अखिलेश यादव ने तो यह भी कह दिया कि उत्तर प्रदेश जंगलराज की गिरफ्त में फंस चुका है। यहां कानून और संविधान का शासन नहीं है। अपराध की पराकाष्ठा हो गई है। सड़कों पर खुलेआम हत्याएं हो रही हैं। अपराधी बेखौफ हैं, अपराधियों को सत्ताधारी पार्टी का संरक्षण मिला हुआ है। किसी भी लोकतांत्रिक देश में पुलिस अभिरक्षा में इस तरह की हत्या नहीं हुई लेकिन आज यूपी ने यह साबित कर दिखाया कि उसके राज्य में कानून जैसे किसी भी चीज का कोई स्थान नहीं है। सिर्फ और सिर्फ जंगलराज का बोलबाला है।

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