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क्यों होते हैं कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान लूज मोशंस, कैसे करें इनसे बचाव

05:45 PM Jan 05, 2023 IST | Prasidhi

पीरियड्स से जुड़े महिलाओं में कई तरह के संकेत हर महीने सामने आते हैं। इनमें से कई संकेत बहुत अलग-अलग तरह के होते हैं और हर संकेत का कोई ना कोई गहरा मतलब होता है। कुछ सिम्टम्स शरीर में दर्द से जुड़े हुए होते हैं और वहीं कुछ सिम्टम्स होते हैं मूड स्विंग्स या चिड़चिड़ेपन के। इनमें सूजन और गैस से जुड़े भी कुछ संकेत सामने आ सकते हैं। इन्हीं में से जुड़ा एक संकेत लूज मोशंस भी हो सकता है। क्या आपको पता है कि इसका कारण क्या होता है। अगर आप नहीं जानते हैं तो हम आपको बताते हैं इसके कारण और इनसे जुड़े बचाव के तरीके

पीरियड्स के दौरान लूस मोशंस आने का कोई ठोस कारण नहीं होता है और इसके कई तरह के कारण हो सकते हैं।

हारमोंस का बदलाव

पीरियड्स के दौरान लूज मोशंस आने का एक मुख्य कारण हारमोंस को भी माना जाता है क्योंकि पीरियड के दौरान कुछ हार्मोन शरीर में ज्यादा मात्रा में निकलते हैं। यह लूज मोशंस का कारण भी हो सकते हैं और कुछ महिलाएं इसको लेकर ज्यादा संवेदनशील होती हैं।

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केमिकल बदलाव

हमारे शरीर में कई सारे तरह की न्यूरोट्रांसमीटर जैसे सोरोटोनिन पाया जाता है और इनके स्तर के बदलाव से लूज मोशंस के लक्षण देखने को मिल सकते हैं।

प्रोस्टाग्लैंडिस

यह वह केमिकल्स होते हैं जो शरीर में खून आने से पहले पैदा होते हैं इनसे आंतों में दर्द पैदा हो सकता है और सिम्पटम्स देखने को मिल सकते हैं।

स्ट्रेस और चिंता

जिन महिलाओं में चिंता, स्ट्रेस और डिप्रेशन के लक्षण अधिक होते हैं उनमें यह लक्षण ज्यादा हो सकते हैं। हालांकि इसके पीछे कोई ठोस सबूत नहीं है

उपाय

सबसे अच्छा उपाय हो सकता है बैलेंस डाइट के दौरान आप नमक और नमक से जुड़ी नमकीन चीजों को खाना कम करें। साथ ही कार्बोहाइड्रेट को अपने खाने में शामिल करने की कोशिश करें। इसके साथ ही व्यायाम को बढ़ाना चाहिए, वॉक करके के लिए जाना चाहिए और साथ में स्ट्रेस फ्री रहने के लिए गाना सुनना चाहिए और अच्छे से 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए।

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