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आज संसद देखेंगे 106 विद्यार्थी, स्पीकर ओम बिरला से भी मिलेंगे छात्र

09:10 AM May 01, 2023 IST | Supriya Sarkaar
आज संसद देखेंगे 106 विद्यार्थी  स्पीकर ओम बिरला से भी मिलेंगे छात्र

कोटा। सोगरिया रेलवे स्टेशन रविवार शाम भारत माता के जयकारे से गूंज उठा। चेहरे पर खुशी, आखों में चमक और मन में संसद देखने का उत्साह लिए बूंदी जिले के 106 विद्यार्थी रविवार को कोटा से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। यह वे बच्चे हैं, जिन्होंने लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर आयोजित समझ संसद की प्रतियोगिता में भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संसद देखने जाने की पात्रता प्राप्त की। युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक आदर्शों की सशक्त करने के उद्देश्य से बिरला ने प्रतियोगिता की संकल्पना की थी।

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प्रतियोगिता का पहला चरण 1 दिसम्बर 2022 को आयोजित किया गया, जिसमें संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी के सभी राजकीय और निजी विद्यालयों के बच्चों ने भाग लिया। पहले चरण में सफल रहे विद्यार्थियों ने 12 जनवरी को आयोजित दूसरे चरण की प्रतियोगिता में भाग लिया था। इसके परिणाम के आधार पर सफल रहे विद्यार्थी कई दलों में संसद और दिल्ली के स्मारक देखने जा रहे हैं।

संसद भ्रमण के लिए दिखा उत्साह

ट्रेन में सवार होते हुए इन विद्यार्थियों का कहना था कि अब तक संसद भवन को सिर्फ टीवी या मोबाइल पर देखा था। कक्षा में पढ़ाई करते हुए बताया गया था कि वहां एक सेंट्रल हॉल है, जहां संविधान का निर्माण हुआ था। लोक सभा और राज्य सभा चैंबर है, जहां चर्चा होती है और कानून बनते हैं। अब इन सभी को अपनी आंखों से देखेंगे। कोटा और बूंदी के लाखों बच्चों में से इस यात्रा के लिए चयनित होना हमारे लिए गौरव की बात है।

यह बच्चे संसद और राष्ट्रीय महत्व के स्मारक देखने के साथ लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मिलेंगे। इस दौरान सोगरिया रेलवे स्टेशन पर नगर निगम कोटा उत्तर से नेता प्रतिपक्ष लव शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता हेमराज सिंह हाड़ा, शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह गौड़, कोटा-बूंदी कंट्रोल रूम प्रभारी राजेश चंदेल, बूंदी जिला प्रभारी चंद्रप्रकाश राठौड़ उपस्थित थे।

माता-पिता आए बच्चों को छोड़ने 

बूंदी जिले के अलग-अलग शिक्षा ब्लॉक्स में रहने वाले इन विद्यार्थियों को बसों से कोटा तक लाने की समुचित व्यवस्था की गई थी। लेकिन बहुत से अभिभावक बच्चों को छोड़ने के लिए सोगरिया स्टेशन तक भी आए। अभिभावकों का कहना था कि बच्चों ने छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वे पहली बार अकेले सफर कर रहे हैं, ऐसे में उनका हौसला बढ़ाना भी जरूरी था।

पहली बार ट्रेन के सफर 

दिल्ली गए विद्यार्थियों में लगभग 75 प्रतिशत ऐसे थे, जिन्होंने पहले कभी ट्रेन में सफर नहीं किया। लगभग 60 प्रतिशत ऐसे थे जो पहले कभी दिल्ली नहीं गए हैं। बच्चों ने कहा कि इस यात्रा ने हमारी ख्वाहिशें पूरी की हैं। हम सफर के दौरान के अनुभव नोट करेंगे और उसके बारे में साथियों को भी बताएंगे।

आज रवाना होगा दूसरा दल 

दूसरा दल सोमवार शाम सोगरिया-नई दिल्ली एक्सप्रेस से रवाना होगा। इसके बाद 9 मई को रानी झांसी दल में इटावा, सुल्तानपुर, खैराबाद तथा सांगोद की 127 छात्राएं दिल्ली के लिए रवाना होंगी।

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