ट्रंप के टैरिफ से हिली दुनिया, अमेरिकी शेयर मार्केट औंधे मुँह गिरा
अमेरिकी शेयर मार्केट में शुक्रवार को भी लगातार दूसरे दिन भारी तबाही देखी गई। निवेशकों के दो दिन में 5 लाख करोड़ डॉलर डूब गए। ट्रंप के टैरिफ ने दुनिया को हिला कर रख दिया है। इसके जवाब में चीन ने शुक्रवार को सभी अमेरिकी आयातों पर 34% अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की। इससे वैश्विक ट्रेड वॉर और भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। निवेशकों को डर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ट्रेड वॉर दुनिया को मंदी की ओर धकेल देगा। वहीं दूसरी ओर इस गिरावट को लेकर ट्रंप ने कहा कि कुछ दर्द तो सहना पड़ेगा।
ब्याज दरों में कमी की उम्मीद टूटी!
निवेशकों को उम्मीद थी कि फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ब्याज दरों में कटौती का संकेत देकर मदद करेंगे। ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर ऐसा करने के लिए उन पर दबाव डाला था। लेकिन पॉवेल ने विकास और मुद्रास्फीति दोनों के लिए 'उच्च जोखिम' पर जोर दिया। इससे निवेशकों की उम्मीदें टूट गईं। फेडरल रिजर्व अमेरिका का केंद्रीय बैंक है।
कोरोना के बाद की बड़ी गिरावट
वैश्विक शेयर बाजारों में यह साल 2020 में महामारी के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। लेकिन 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के विपरीत, वॉल स्ट्रीट में मौजूदा उथल-पुथल सरकार द्वारा लिए गए स्पष्ट नीतिगत फैसलों का परिणाम है। सरकार को पता था कि इस तरह के परिणाम संभव हैं। कई विश्लेषकों का मानना है कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। इस सप्ताह निवेशकों ने कुछ ऐसे आर्थिक और बाजार आंकड़े देखे हैं जो लंबे समय से नहीं देखे गए थे
100 वर्षों में सबसे अधिक अमेरिकी टैरिफ।
विश्लेषकों के अनुसार, यह 1968 के बाद सबसे बड़ी अमेरिकी टैक्स वृद्धि है। उनका कहना है कि अब वैश्विक मंदी की संभावना अधिक है।
ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिकी इक्विटी मार्केट कैप में 8 लाख करोड़ डॉलर की गिरावट आई है, जिसमें से 5 लाख करोड़ डॉलर सिर्फ दो दिनों में कम हो गए। इक्विटी मार्केट कैप का मतलब है शेयर बाजार में कंपनियों का कुल मूल्य।
मार्केट की गिरावट पर क्या बोले ट्रंप?
शुक्रवार को अमेरिकी मार्केट की गिरावट पर ट्रंप ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने इस बारे में कहा, 'थोड़ा दर्द तो सहना पड़ेगा'। उन्होंने यह भी लिखा, 'सिर्फ कमजोर लोग ही असफल होंगे!' उन्होंने कहा कि यह दर्द अस्थायी है। उनकी रणनीति बहुत अच्छी है। ट्रंप का कहना है कि यह नुकसान आगे चलकर फायदेमंद साबित होगा।