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Shardiya Navratri 2023: शारदीय नवरात्रि कल से शुरू, घटस्थापना, मां दुर्गा के श्रृंगार और पूजा के लिए खरीद लें ये सामग्री

Shardiya Navratri 2023 Puja Samagri: अश्विन मास की प्रतिपदा को नवरात्रि शुरू हो रही है और नवमी तक चलेगी। इस दौरान घट स्थापना और मां का श्रृंगार करने के लिए पहले ही सामग्री की व्यवस्था कर लें।
04:09 PM Oct 14, 2023 IST | BHUP SINGH
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Shardiya Navratri 2023 Puja Samagri: शारदीय नवरात्रि रविवार यानी 15 अक्टूबर से शुरू होने जा रहे हैं। इन 9 नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। शारदीय नवरात्रि में की जाने वाली पूजा की आप भी पहले से ही तैयारियां कर लीजिए। अश्विन मास की प्रतिपदा तिथि से आरंभ होने वाले शारदीय नवरात्रि, नवमी तिथि तक चलते हैं। सनातन धर्म में मान्यता है कि मां भवानी नवरात्रि के नौ दिनों में धरती पर भ्रमण करते हुए अपने भक्तों के कष्ट दूर करती हैं। मां की पूजा पूरे विधि विधान से करने के लिए भोग, श्रृंगार का सामान, हवन, रोली, अक्षत समेत कई पूजा के प्रयोग में लाई जाने वाली चीजों की आवश्यकता होता है। ऐसे अगर आप पहले इन चीजों की व्यवस्था कर लें तो खड़ी चोट कोई परेशानी नहीं होगी। आइए जानते हैं शारदीय नवरात्रि में पूजन के दौरान काम आने वाली चीजों के बारे में……

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कलश स्थापना 2023 का शुभ मुहूर्त और समय

शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना यानी घट स्थापना का मुर्हूत 15 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर होगा। घटस्थापना करना का ये सबसे सही समय है। घट स्थापना में मिट्‌टी या अष्टधातु का घड़ा ईशान कोण में स्थापित किया जा सकता है। कलश को ब्रह्मांड के प्रतीक के तौर पर स्थापित किया जाता है, जिसके केंद्र सभी देवी-देवता होते हैं। घट के मुख में भगवान विष्णु, कंड में रूद्र और मूल भाग में ब्रह्माजी निवास करते हैं।

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पूजन सामग्री

कलश स्थापना और मां दुर्गा की पूजा में सोलह श्रृंगार के सामान की आवश्यकता होती है। इसलिए ये पहले ही लाकर रख लें। कलश स्थापना में मौली, कलश और पांच आम के पत्ते, रोली, सिक्का, शुद्ध मिट्‌टी, लाल कपड़ा, गेहूं, गंगाजल और अक्षत की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही पीतल व मिट्‌टी का दीपक, जौ या गेहूं, जटा वाला नारियल, रूई, बत्ती की आवश्यकता पड़ती है।

माता के श्रृंगार के लिए सामग्री

शारदीय नवरात्रि में माता का श्रृंगार किया जाता है। इसके लिए लाल चुनरी, चूड़ी, पायल, कान की बाली, सिंदूर, महावर, बिंदी, काजल, लाली, इत्र, मेंहदी, फूल माला, बिछिया आदि श्रृंगार का सामान अभी ले आएं।

जवान बोने के लिए सामग्री

मिट्‌टी का बर्तन, मिट्‌टी पर रखने के लिए साफ कपड़ा, शुद्ध जल, कलावा, शुद्ध मिट्‌टी, जौ या गेहूं आदि चीजों की आवश्यकता पड़ेगी।

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अखंड ज्योति के लिए सामग्री

अगर आप घर में अखंड जयोति जला रहे हैं तो पीपल या मिट्‌टी का दीपक, घी, रूई बत्ती, अक्षत, रोली पहले ही लाकर रख लें।

नौ दिन के लिए हवन सामग्री

नवरात्रि के दिन भक्त पूरे दिन 9 दिन तक हवन करते हैं। इसके लिए आपको आम की लकड़ी, हवन कुंड, काले तिल, कुमकुम, अक्षत, धूप, पंचमेवास गुग्गल, लौंग, हवन में चढ़ाने का भोग, शुद्ध जल, रोली, धूप, घी, सुपारी, कपूर, कमलगट्टा आदि का प्रयोग किया जाता है।

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