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पश्चिम से जुड़ा पूरब…नए ट्रेक पर बुलेट की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेन, जयपुर-अजमेर के लिए क्यों खास है ये ट्रेक? 

नए डीएफसी सेक्शन के शुरु होने पर जयपुर व अजमेर डिवीजन से गुजरने वाली गुड्स ट्रेनें वर्तमान भारतीय रेल ट्रेक की बजाय इस नए ट्रेक से गुजर सकेंगी। 
09:31 AM Jan 26, 2024 IST | Anil Prajapat
पश्चिम से जुड़ा पूरब…नए ट्रेक पर बुलेट की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेन  जयपुर अजमेर के लिए क्यों खास है ये ट्रेक  
DFC rail section

DFC rail section : जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यूपी के बुलंदशहर से न्यू रेवाड़ी और न्यू खुर्जा इलेक्ट्रीफाइड डबल लाइन रेल सेक्शन का लोकार्पण किया। प्रदेश व राजधानी जयपुर को भी इस नए डीएफसी रेल सेक्शन से फायदा मिलने वाला है। वह इसलिए कि इस नए डीएफसी सेक्शन के शुरु होने पर जयपुर व अजमेर डिवीजन से गुजरने वाली गुड्स ट्रेनें वर्तमान भारतीय रेल ट्रेक की बजाय इस नए ट्रेक से गुजर सकेंगी।

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गुड्स ट्रेनों को जयपुर जंक्शन व उपनगरीय स्टेशन होकर आने की भी जरूरत नहीं रहेगी। ये ट्रेनें सीधे डीएफसी ट्रैक पर जाकर कम समय में गंतव्य पहुंच सकेंगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर यह ट्रेक पैसेंजर ट्रेनों के भी काम आ सकेगा। जयपुर जंक्शन पर गुड्स ट्रेनों नहीं आने पर पैसेंजर ट्रेनों को निर्बांध रास्ता से ये ट्रेंने कम समय में गंतव्य तक पहुंच सकेंगी। नए सेक्शन से पश्चिमी और पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर आपस में जुड़ गया है यानि देश का पश्चिम व पूरब हिस्सा जुड़ गए।

नए ट्रेक पर गुड्स ट्रेनें 100 किमी प्रति घंटें की रफ्तार से यानि बुलेट की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। अब बंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट से आने वाली गुड्स ट्रेनों को दिल्ली व यूपी पहुंचने में 3 दिन से भी ज्यादा समय लगता था। वह 24 घंटें से कम समय में नए ट्रेक से राजस्थान होते हुए यूपी व हरियाणा से जुड़ सकेंगी। वहीं इसका सबसे ज्यादा किसानों सेक्शन के एक हिस्सा का लोकार्पण कार्यक्रम न्यू रेवाड़ी डीएफसी रेलवे स्टेशन पर आयोजित किया गया। इस मौके पर जयपुर डीआरएम विकास पुरवार, सीपीआरओ कैप्टन शशिकरण, सीनियर डीसीएम के के मीना, सीनियर डीओएम विजय सिंह समेत रेलवे अधिकारी पहुंचे।

जानें-क्यों खास है ये नया ट्रेक?

नए सेक्शन में हाईराइज ओएचई से इलेक्ट्रीफाइड एक किमी. लंबी डबल लाईन रेल सुरंग बनाई गई है। डीएफसी का दावा है कि यह दुनिया में अपनी तरह की पहली सुरंग है। इस सुरंग से डबल स्टैक कंटेनर ट्रेनों को निर्बाध रूप से संचालित करने में डिजाइन किया गया है। इस सेक्शन में 3 नदी पुल, 3 रेल फ्लाईओवर, 24 प्रमुख पुल, 79 छोटे पुल, 16 रोड ओवरब्रिज (आरओबी), 32 प्रमुख रोड अंडरब्रिज (आरयूबी), 17 रोड अंडरब्रिज (लघु) और 8 फु ट ओवरब्रिज (एफओबी) हैं। यह सेक्शसन 4.54 किमी लंबे रेल फ्लाईओवर (आरएफओ) के माध्यम से डीएफसी को दादरी में भारतीय रेल से जोड़ता है और इसके साथ ही यह पलवल के पास असावटी में भी डीएफसी को भारतीय रेल से जोड़ता है।

परियोजना से क्या लाभ 

-मालगाड़ियो को 100 कि.मी. प्रति घंटे तक चलाने की क्षमता, यात्री ट्रेनों की समय पालनता में सुधार।

-प्रमुख कंटेनर डिपो से जुड़ाव एवं कंटेनर और एक्सिम यातायात का सुरक्षित और त्वरित आवागमन।

-भारी और लंबी मालगाड़ियों का संचालन

-मार्ग के प्रमुख शहरों के लिए औद्योगिक विकास के अवसर।

-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर में कमी।

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