होमइंडिया
राज्य | राजस्थानमध्यप्रदेशदिल्लीउत्तराखंडउत्तरप्रदेश
मनोरंजनटेक्नोलॉजीस्पोर्ट्स
बिज़नेस | पर्सनल फाइनेंसक्रिप्टोकरेंसीबिज़नेस आईडियाशेयर मार्केट
लाइफस्टाइलहेल्थकरियरवायरलधर्मदुनियाshorts

बोर्ड परीक्षाओं में छोटी सी चूक प्रतिष्ठा के लिए होगी घातक, प्रशासक ने ली शिक्षा अधिकारियों की बैठक

08:44 AM Feb 23, 2023 IST | Supriya Sarkaar

अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से अगले माह होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के सफल संचालन को लेकर बुधवार को राजीव गांधी भवन में राज्य के संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें विडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा निदेशक गौरव अग्रवाल ने कहा कि बोर्ड की परीक्षाओं से लाखों स्कूली परीक्षार्थियों का भविष्य जुड़ा है। इसमें छोटी सी भी चूक शिक्षकों की प्रतिष्ठा के लिए घातक होगी। 

वहीं बोर्ड के प्रशासक और संभागीय आयुक्त बीएल मेहरा ने कहा कि वर्तमान समय में भर्ती परीक्षा हो या अकादमिक परीक्षा, परीक्षा लेने वाली संस्थाओं के लिए परीक्षाओं का आयोजन एक बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में बोर्ड परीक्षाओं के सन्दर्भ में इस चुनौती से तभी पार पाया जा सकता है जब शिक्षा विभाग और राजस्थान बोर्ड एक सिक्के के दो पहलु मानते हुए संगठित होकर फील्ड में कार्य करें। शिक्षा अधिकारी प्रत्येक परीक्षा केन्द्र को संवेदनशील मानते हुए व्यवस्थाओं को अंजाम दें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल परीक्षा लेने वाली संस्थाओं और समाज के लिए एक घातक शस्त्र के रूप में काम कर रहा है। 

(Also Read- Lab Assistant 2022 Result : लैब असिस्टेंट का परिणाम जारी, ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट)

उन्होंने कहा कि किसी भी परीक्षा की विश्वसनीयता उसके पारदर्शितापूर्ण, निष्पक्ष और सटीक मूल्यांकन पर निर्भर करती है। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि उड़न दस्तों में निष्पक्ष और ईमानदार कार्मिकों की नियुक्ति करें। उन्होंने कहा कि उड़नदस्ते जिले के अन्दरूनी और दूरदराज के हिस्सों में स्थित परीक्षा केन्द्रों का विशेष रूप से निरीक्षण करें। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केन्द्रों का सघन और सतत निरीक्षण किया जाए। राजस्थान बोर्ड की परीक्षाओं की दशकों से राष्ट्रव्यापी विश्वसनीयता है। बोर्ड कार्मिकों और अधिकारियों का दायित्व है कि यह ख्याति बरकरार रहे। 

परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए कटिबद्ध 

बोर्ड सचिव मेघना चौधरी ने कहा कि सरकार भी बोर्ड परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए कटिबद्ध है। गत माह जयपुर में हुई राज्य उच्चाधिकार प्राप्त परीक्षा समिति की बैठक में शिक्षामंत्री ने भी संकेत दिए थे कि बोर्ड परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रारम्भ होने से पूर्व होली अवकाश को दृष्टिगत रखते हुए प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के संबंध में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। एकल और नोडल परीक्षा केन्द्रों पर सुरक्षा की विशेष व्यवस्था जिला परीक्षा संचालन समिति के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। 

21 लाख 12 हजार 206 परीक्षार्थी होंगे शामिल 

बोर्ड सचिव चौधरी ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के लिए इस वर्ष 6,081 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। इन परीक्षा केन्द्रों पर 21 लाख 12 हजार 206 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इनमें सैकण्डरी में 10 लाख 68 हजार 383 सीनियर सैकण्डरी में 10 लाख 31 हजार 72, प्रवेशिक में 7 हजार 142 और वरिष्ठ उपाध्याय में 5 हजार 609 परीक्षार्थी शामिल होंगे। बैठक को वित्तीय सलाहकार रश्मि बिस्सा, मुख्य परीक्षा नियंत्रक राजेश निर्वाण, निदेशक (गोपनीय) मंघाराम तोलानी और उपनिदेशक (परीक्षा) राकेश माथुर ने भी सम्बोधित किया। इस दौरान परीक्षाओं के सफल आयोजन को लेकर सभी ने सतर्कता और सुरक्षा को अपनाने पर जोर दिया गया।

(Also Read- Government Job Vacancy: आर्मी में 10वीं पास छात्रों के लिए बंपर भर्ती, 63200 मिलेगी सैलरी, 26 फरवरी तक करें आवेदन)

Next Article