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जापान में 90 मिनट में 21 भूकंप के झटकों से मची तबाही, 34 हजार घरों की बिजली गुल, टकराई सुनामी की लहरें

04:52 PM Jan 01, 2024 IST | Sanjay Raiswal

टोक्यो। नए साल पर जापान से एक चिंता करने वाली खबर सामने आ रही है। जापान में सोमवार को 90 मिनट के अंदर रिक्टर स्केल पर 4.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप के 21 झटके महसूस किए गए। जापानी मीडिया NHK के मुताबिक, एक भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 7.6 दर्ज की गई। प्रशासन ने सुनामी का अलर्ट जारी किया है।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, यह भी जानकारी सामने आई है कि इशिकावा प्रांत के वाजिमा बंदरगाह पर 1.2 मीटर की ऊंचाई तक ऊंची लहरें देखी गईं। फिलहाल, किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन अधिकारियों को तत्काल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं। भूकंप के बाद सुनामी का खतरा देखते हुए भारतीय दूतावास ने आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। ये इस तरह हैं : 81-80-3930-1715 81-70-1492-0049 81-80-3214-4734 81-80-6229-5382 81-80-3214-4722।

इस बीच, जापान ने इशिकावा, निगाता और तोयामा, नागानो प्रान्तों के लिए एक और भूकंप की चेतावनी जारी की है। वहीं, सोशल मीडिया पर तोयामा शहर में आई सुनामी का वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि, अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि यह वीडियो अभी की है या पहले कभी की।

एक रिपोर्ट के अनुसार, सुनामी की चेतावनी के बाद लोगों से इशिकावा, निगाता, तोयामा और यामागाता प्रान्तों के तटीय क्षेत्रों को जल्द से जल्द छोड़ने का आग्रह किया गया है। कहा जा रहा है कि पांच मीटर (16 फीट) ऊंची लहरें उठ सकती हैं। कोस्टल एरिया में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है।

हवाई स्थित प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा है कि जापान तट पर भूकंप के केंद्र के 300 किलोमीटर के दायरे में खतरनाक सुनामी लहरें उठने की आशंका है। बता दें, भूकंप के झटके टोक्यो और पूरे कांटो इलाके में महसूस किए गए हैं। भूकंप के बाद इशिकावा प्रांत के वाजिमा शहर में सड़क पर दरारें आ गईं। कई इलाकों की सड़कें टूट भी गईं।

जापान में 6 बार महसूस किए गए झटके…

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) ने कहा कि जापान के मुख्य द्वीप होन्शू के जापान सागर की ओर नोटो क्षेत्र में स्थानीय समयानुसार शाम 4:06 मिनट पर 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद शाम 4:10 मिनट पर 7.6 तीव्रता का भूकंप, 4:18 मिनट पर 6.1 तीव्रता का भूकंप, 4:23 मिनट पर 4.5 तीव्रता का भूकंप, 4:29 मिनट पर 4.6 तीव्रता का भूकंप और 4:32 मिनट पर 4.8 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने बताया कि इसके तुरंत बाद 6.2 तीव्रता का एक और भूकंप आया।

भूकंप के बाद 34,000 घरों में बिजली गुल…

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जापान में सिलसिलेवार भूकंपीय गतिविधियों के बाद 34,000 घरों में बिजली की आपूर्ति बंद हो गई है। मध्य जापान में कई प्रमुख राजमार्ग बंद करने पड़े हैं, क्योंकि भूकंप के कारण सड़कों में बड़ी दारारें पड़ गई हैं। फुकुई प्रांत (फुकुई प्रीफेक्चर जापान के होंशू द्वीप का हिस्सा है) में फायर डिपार्टमेंट और स्थानीय सरकार के अनुसार, कम से कम 5 लोग घायल भी हुए हैं। सभी को मामूली चोटें आई हैं।

2011 में भूकंप के बाद सुनामी से हुई थीं 16 हजार मौतें…

बता दें कि मार्च 2011 में जापान में 9 तीव्रता वाले विनाशकारी भूकंप के कारण जबर्दस्त सुनामी आई थी। तब उठी सुनामी की लहरों ने फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट को तबाह कर दिया था। इसे पर्यावरण को नुकसान के लिहाज से बड़ी घटना माना गया था। तब समुद्र में उठी 10 मीटर ऊंची लहरों ने कई शहरों में तबाही मचाई थी। इसमें करीब 16 हजार लोगों की मौत हुई थी।

रिंग ऑफ फायर पर बसा है जापान…

जापान भूकंप के सबसे ज्यादा सेंसेटिव एरिया में है। यह पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में आता है। रिंग ऑफ फायर ऐसा इलाका है जहां कॉन्टिनेंटल प्लेट्स के साथ ओशियनिक टेक्टॉनिक प्लेट्स भी मौजूद हैं। ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं तो भूकंप आता है। इनके असर से ही सुनामी आती है और वॉल्केनो भी फटते हैं।

दिसंबर 2023 में आया था फिलीपींस में भूकंप…

इससे पहले दिसंबर 2023 की शुरुआत में फिलीपींस में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.8 मापी गई थी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया था कि तड़के करीब 01:20 बजे भूकंप आया था। इसका केंद्र मिंडानाओ में 82 किमी की गहराई में था।

अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने शुरुआत में फिलीपींस तट के कुछ हिस्सों में तीन मीटर (10 फीट) तक की लहरें उठने का अनुमान लगाया था, लेकिन बाद में सुनामी का कोई खतरा नहीं होने की घोषणा की। बयान में कहा गया कि सभी उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर भूकंप से सुनामी का खतरा अब टल गया है।

दुनिया में हर साल आते हैं 20 हजार भूकंप…

वैज्ञानिकों के मुताबिक, दुनिया में हर साल कई भूकंप आते हैं, लेकिन इनकी तीव्रता कम होती है। नेशनल अर्थक्वेक इंफॉर्मेशन सेंटर हर साल करीब 20,000 भूकंप रिकॉर्ड करता है। इसमें से 100 भूकंप ऐसे होते हैं जिनसे नुकसान ज्यादा होता है। भूकंप कुछ सेकेंड या कुछ मिनट तक रहता है। अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा देर तक रहने वाला भूकंप 2004 में हिंद महासागर में आया था। यह भूकंप 10 मिनट तक रहा था।

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