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छठी शताब्दी में हुई ब्रोकली की उत्पत्ति, अब भारत में भी उगाई जा रही यह विदेशी सब्जी

02:02 PM Apr 21, 2023 IST | Supriya Sarkaar
छठी शताब्दी में हुई ब्रोकली की उत्पत्ति  अब भारत में भी उगाई जा रही यह विदेशी सब्जी

आपने पत्ता गोभी या फुलगोभी की सब्जी तो बहुत खाई होगी। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि फुलगोभी की तरह दिखने वाली एक और सब्जी खाने में स्वादिष्ट के साथ-साथ पोष्टिक भी है। लेकिन यह बाकी सब्जियों से महंगी होती है। इस सब्जी का नाम ब्रोकली है। कई लोग इस सब्जी से वाकिफ भी होंगे। यूं तो इस सब्जी को विदेशों में उगाया जाता है, लेकिन कम लागत में अधिक पैदावार देने के कारण आजकल भारत में भी इसकी खेती का चलन बढ़ रहा है।

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इसका सबसे अधिक उत्पादन चीन, अमेरिका और स्पेन जैसे देशों में किया जाता है। भारत के किसान सिक्को, केलेब्रस, ग्रीन बड, ग्रीन मैजिक, जिप्सी, अर्काडिया, बालथम 29, ग्रीन स्प्राउटिंग मीडिया जैसी किस्मों की ब्रोकली उगा रहे हैं। इसमें ऊपर की तरफ फुलगोभी की तरह बड़ा फुल, और डंठल लगा होता है। इसका रंग हरा होता है, जिसे सलाद के रूप में भी खाया जाता है। इसका उत्पादन दुनियाभर में किया जाता है।

ब्रोकली के बारे में 

ब्रोकली गोभी के परिवार की ही सब्जी है। यह ब्रैसिका ओलेरासिया प्रजाति का पौधा है। यह आस-पास से पत्तियों से घिरी होती है, इसलिए दिखने में हूबहू फूलगोभी जैसी दिखती है। इसे कच्चा भी खाया जा सकता है तथा पकाकर भी। इसमें विटामिन सी और विटामिन के पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसमें सल्फर युक्त ग्लूकोसाइनोलेट यौगिक, आइसोथियोसाइनेट्स और सल्फोराफेन जैसे तत्व भी पाए जाते हैं, लेकिन उबालने से यह कम हो जाते हैं।

ब्रोकली की एक प्रजाती का नाम रापिनी है, जिसे ब्रोकली रेब भी कहा जाता है। इसकी अधिकतर किस्में ठंडे मौसम में उगाई जाती है। दरअसल गर्मी के मौसम में यह फसल खराब हो जाती है। इसलिए इसे 18 से 23 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले स्थानों पर उगाया जाता है। ब्रोकली में मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक और कैल्शियम सहित कई तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं।

इतिहास

ब्रोकली का इतिहास लगभग छठी शताब्दी ईस्वी पूर्व का है। उस समय उत्तरी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में लैंड्रेस ब्रासिका फसलों के प्रजनन के कारण इसकी उत्पत्ति हुई। इसकी उत्पत्ति रोमन साम्राज्य में उगाई जाने वाली फसलों के साथ हुई थी। इसके बाद 18वीं शताब्दी तक यह उत्तरी यूरोप में भी फैल गई। 19वीं शताब्दी में इसे इतालवी अप्रवासियों द्वारा उत्तरी अमेरिका में उगाया गया।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका और जापानी एफ-1 संकरों के प्रजनन से इसकी पैदावार हुई। उस समय इसकी गुणवत्ता, विकास की गति और क्षेत्रीय अनुकूलन में काफी वृद्धि हुई। सबसे पहले ब्रोकोली शब्द का इस्तेमाल 17 वीं शताब्दी में किया गया था। जो कि ब्रोकली के इतालवी बहुवचन से बना है। इसका अर्थ गोभी का फूलना होता है।

ब्रोकली के प्रकार 

मुख्यतया ब्रोकली की तीन किस्में पाई जाती है। कैलाबेरी ब्रोकोली, अंकुरित ब्रोकली तथा बैंगनी फूलगोभी। कैलाबेरी ब्रोकोली का नाम इटली के कैलाब्रिया के नाम पर रखा गया था। बैंगनी फूलगोभी को यूरोप और उत्तरी अमेरिका में सबसे अधिक उगाया जाता है। इसके अलावा ब्रोकली की अन्य लोकप्रिय किस्में बेलस्टार, डेस्टिनी, डिकिक्को, ब्लू विंड, कोरोनाडो क्राउन, ग्रीन गोलियथ, पर्पल स्प्राउटिंग, रोमनस्को, ग्रीन मैजिक, सन किंग और वाल्थम 29 हैं।

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