होमइंडिया
राज्य | राजस्थानमध्यप्रदेशदिल्लीउत्तराखंडउत्तरप्रदेश
मनोरंजनटेक्नोलॉजीस्पोर्ट्स
बिज़नेस | पर्सनल फाइनेंसक्रिप्टोकरेंसीबिज़नेस आईडियाशेयर मार्केट
लाइफस्टाइलहेल्थकरियरवायरलधर्मदुनियाshorts

सीकर में 13 साल की बच्ची से रेप, ग्रामीणों ने मांगों को लेकर किया थाने का घेराव

08:19 PM Mar 10, 2023 IST | Sanjay Raiswal

सीकर। राजस्थान के सीकर के खंडेला में 24 फरवरी को 13 साल की बच्ची का अपहरण के बाद रेप के मामले में सैनी समाज के सैंकड़ों लोग थाने पर पहुंचकर घेराव किया। इसके बाद लोगों ने थाने के मुख्य गेट के सामने की धरने पर बैठ गए। सैनी समाज के लोग थाना प्रभारी राजेश बाफना को निलंबित करने और पीड़िता के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर अड़े रहे। इधर, लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने थाने का मुख्य गेट बंद करवा दिया।

इधर, थाने पर प्रदर्शन की सूचना पर डीवाईएसपी गिरधारीलाल शर्मा मौके पर पहुंचे और लोगों से समझाइश की, लेकिन लोगों ने उनकी बात नहीं मानी और अपनी मांग पर अडे रहे। आखिरकार शाम को इस मामले को लेकर डीवाईएसपी की एक बार फिर लोगों से वार्ता हुई। डीवाईएसपी गिरधारीलाल शर्मा ने लोगों को खंडेला थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करने और पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए की सहायता करवाने का आश्वासन दिया।

डीवाईएसपी गिरधारीलाल शर्मा ने कहा कि थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करने की बात पुलिस के उच्चाधिकारियों के समक्ष रखी जाएगी। वहीं पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग राज्य सरकार तक पहुंचाई जाएगी। डीवाईएसपी के आश्वासन के बाद लोग सहमत हुए और धरना समाप्त किया।

जानिए क्या था मामला…

बता दें कि 24 फरवरी को खंडेला थाना क्षेत्र की 13 साल की नाबालिग बच्ची घर से लापता हो गई थी। बच्ची के लापता होने पर परिजनों ने पुलिस थाना में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं अगले ही दिन 25 फरवरी को पुलिस ने नाबालिग लड़की को दस्तयाब कर लिया था। नाबालिग लड़की ने पुलिस को बताया था कि पलसाना रोड स्थित होटल राजविलास में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। जिसके बाद पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। पुलिस ने 9 मार्च को मामले में दबिश देते हुए मुख्य आरोपी महेंद्र मीणा को बामरड़ा गांव से गिरफ्तार कर लिय। जिसके बाद शुक्रवार को लोगों ने पुलिस थाने का घेराव किया। डीवाईएसपी गिरधारीलाल शर्मा ने थानाधिकारी को लाइन हाजिर करने और पीड़ित परिवार को 25 लाख के मुआवजे का आश्वासन दिया। डीवाईएसपी के आश्वासन के बाद लोग सहमत हुए और धरना समाप्त किया।

Next Article